कुट्टू का आटा: बाज़ार में क्या है हाल

देहरादून

कुट्टू का आटा एक पौष्टिक और स्वस्थ विकल्प है, लेकिन बाजार में इसकी गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर कई सवाल उठते हैं। हाल ही में, स्पेक्स ने कुट्टू के आटे के 20 नमूनों की जांच की, जिसमें से 8 नमूनों में फंगस, 3 नमूनों में सोडियम बेंजोएट की अधिक मात्रा, और 7 नमूनों में कैल्शियम प्रोपियोनेट की अधिक मात्रा पाई गई। केवल 2 नमूने ही शुद्ध पाए गए। यह बात डॉ0 बृजमोहन शर्मा ने बताई।
डॉ0 बृजमोहन शर्मा ने कहा कि कुट्टू का आटा एक पौष्टिक आटा है, जिसमें प्रोटीन, मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, और कई महत्वपूर्ण मिनरल्स होते हैं। यह आटा खासतौर पर व्रत के दौरान उपयोग में लाया जाता है। लेकिन इसकी शेल्फ लाइफ अन्य आटों के मुकाबले कम होती है, जो आमतौर पर एक से डेढ़ महीने तक होती है।
कुट्टू के आटे में कई प्रकार की मिलावट हो सकती है, जिनमें मक्का, चावल, या गेहूं का खराब गुणवत्ता वाला आटा, सफेद लकड़ी का बुरादा, बोरिक एसिड, सबमरमर का पाउडर, और एर्गोट जैसे जहरीले पदार्थ शामिल हैं। इन मिलावटों की वजह से कुट्टू के आटे की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ता है, और यह सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
कुट्टू के आटे की शुद्धता की जांच करने के लिए आप रंग, गंध, पानी या तेल में मिलाकर देख सकते हैं। इसके अलावा, पैकेट पर लिखी जानकारी और प्रमाणिकता भी जांचें।
रंग से जांच:
• असली कुट्टू का आटा गहरा भूरा या ग्रे रंग का होता है।
• मिलावटी कुट्टू का आटा हल्का हरा या ग्रे रंग का दिख सकता है।
गंध से जांच:
• मिलावटी कुट्टू के आटे में से दुर्गंध आ सकती है।
• शुद्ध कुट्टू का आटा अखरोट जैसी महक देता है।
पानी में मिलाकर जांच:
• एक ग्लास में आधा पानी भरें और उसमें एक चम्मच कुट्टू का आटा डालें।
• अगर आटे में मिलावट है, तो पानी में तैरने वाली चीज़ें दिखाई देंगी और आटा नीचे बैठ जाएगा।
तेल में मिलाकर जांच:
• एक चम्मच कुट्टू के आटे में तेल मिलाएं।
• शुद्ध आटा तेल के साथ कभी लंप्स (गाठें ) नहीं बनाएगा।
• मिलावटी आटा तेल के साथ मिलकर लंप्स बना देगा।
सेलखड़ी या भूसी की मिलावट कैसे पहचानें
• आटे में चाक, भूसी या फिर सेलखड़ी की मिलावट पहचाने के लिए आप पानी में घोलकर देख सकते हैं. इससे आटा ऊपर आ जाएगा और सेलखड़ी या फिर चाक का पाउडर नीचे बैठ जाता है. वहीं भूसी के कण ऊपर तैरने लगते हैं. इस तरह से आप मिलावट की आसानी से पहचान कर सकते हैं.
गर्म तवा पर डालकर देखें
• आटे के जब आप गर्म तवा पर डालेंगे तो जलकर वो राख बनने लगता है और ब्राउन होने की स्टेज पर अच्छी खुशबू देता है. वहीं अगर सेलखड़ी या किसी अन्य पाउडर की मिलावट हो तो राख सफेद रंग छोड़ती है और स्मेल भी बदल सकती है.
टेक्स्चर से करें पहचान
• आप आटे के टेक्सचर से भी मिलावट की पहचान कर सकते हैं. हाथों में लेकर मसलने पर अगर आटा ज्यादा चिकना लग रहा है तो उसमें मिलावट हो सकती है. बिना मिलावट का आटा हल्का मोटा होता है और मुलायम होगा, लेकिन चिकना महसूस नहीं होगा.
पैकेट पर जांच:
• पैकेट पर लिखी जानकारी और प्रमाणिकता को ध्यान से चेक करें।
• पैकेट पर FSSAI, ISO, और AGMARK जैसे सर्टिफ़िकेशन होने चाहिए।
कुट्टू के आटे को खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें:
• मिलावटी कुट्टू के आटे का रंग बदल सकता है।
• अगर गूंथते समय आटा बिखर रहा हो या ज़्यादा चिकना हो रहा हो, तो यह मिलावटी हो सकता है।
• पैकेट बंद कुट्टू का आटा खरीदना ज्यादा सुरक्षित होता है।
इस प्रेस वार्ता में नीरज उनियाल, राम तीरथ मौर्या,  हरिराज सिंह, बालेन्दु जोशी आदि उपस्थित रहे।

                                                                                                                   

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